मूंछ वालियां
अरब घरों में मुलाज़िमायें अकसर फ़िल्पाइन, इन्डोन्शिया, बंगला देश और श्री लंका से होती हैं। इन लडकियों को यहां पहुंचाने वाले एजेंट साहबों को ये हक़ है कि वे ज्यादा से ज्यादा बद सूरत और मूंछ वाली यानी मरदाना शकल रखने वाली लडकियों का सलकशन करें।
मगर इन लडकियों को किया मालूम, बन सवर कर एजेंटों से मिलती हैं कि हमें दुबई में मुलाज़िमा कि नौकरी दें। अब ये लड़कियॉ परेशान कि खूब मेक-अप के बव्वजूद दूसरी बद शकल लडकियों को स्लेकट कर लिया गया। एजेंट साहबान को चाहिये कि वे इन बेचारियों को बताए कि दुबई में हवूज़ मेडस कि लिये बद शकल लडकियों का सलकशन होता है और दूसरे कामों कि लिये ख़ूब सूरत लडकियों का चुनाव होता है।
अरब बीवियां अपने घर बद शकल मुलाज़्मा रखते हैं ताकि उनके पतियों, बच्चे और आने वाले मेहमान ख़ादिमा को बद शकल देख कर नज़र अनदाज़ कर दें। अरबी फ़रिशता नहीं कि घर कि मुलाज़िमा को कब तक नज़र अनदाज़ करे। यहां हावूज़ मेडस को भी घर के मरद लोगों के अलावा दूसरे कई लोगों का ख़याल रखना पडता है।
2 comments February 24, 2006
