दुनिया के न:1 चौकीदार

February 28, 2006

बुश (Bush) की किस्मत चमक उठी जब भारत ने उन्हें अपने हां आने का दावत नामा भेजा। दुनिया का सबसे बडा सकयुलर देश देखने कि लिये बुश बेताब हैं ये जानते हुए भी कि वहां कि जनता उन्हें जूते मारने तैयार खडी है।

आज भारत के सभी अखबारों में लिखा है कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से बंगाल तक अकसर हिन्दुस्तानी बहुत नाराज़ हैं कि इस पाक धरती पर बुश अपने नापाक क़दम रखने वाले हैं।

बुश – जो एक ताक़तवर देश के महान लीडर हैं और वो इस वक़त एक साथ पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, ईराक़, ईरान और सीरया जैसे देशों में चौकीदारी कर रहे हैं, और चौकीदार बहुत चालाक होता है। चौकीदार साहब अच्छी तरह जानते हैं कि भारत और भारतीयों से किस तरह शराफ़त से पेश आना है। एक सौ करोड जनता का देश और हर एक का अपना अलग दिमाग़! बुश को बहुत ही सोच समझ कर हिन्दुस्तान में क़दम रखना है ताकि वो वापस जा सकें।

Entry Filed under: टैम पास. .

6 Comments Add your own

  • 1. Pankaj Bengani  |  February 28, 2006 at 8:46 pm

    शांत सुहैब भाई शांत…..
    चौकिदार से डर चोरों को है हमें नहीं. हमसे तो चौकिदार भी डरता है

  • 2. Pratik  |  March 1, 2006 at 3:24 am

    शुएब भाई, आपसे ज़रा दूसरी बात पूछनी थी। क्या इंटरनेट पर कोई ऐसी सेवा या सॉफ़्टवेयर मौजूद है, जिसकी मदद से उर्दू यूनीकोड को देवनागरी या रोमन लिपी में बदला जा सके (जिस तरह देवनागरी को उर्दू में बदलने का सॉफ़्टवेयर मुफ़्त डाउनलोड किया जा सकता है)। अगर आपको मालूम हो, तो कृपया बताएँ।

  • 3. renu ahuja  |  March 1, 2006 at 10:50 am

    शुएब जी सबसे पहले तो ये बात की आपके ब्लाग के बारे में प्र्तीक जी का ब्लाग प्ढ्ने पर पता चला, दूसरी बात, कभी कभी दूसरों को “जागते रहो” की आवाज़ लगाने वाले चौकीदार को ज़रा सी आंखें बंद करने का भारी खामियाज़ा भुगतना पढ्ता है, सो बुश जी को इस चौकीदारी में हिन्दुस्तानियों से चौकन्ना तो रहना ही पडेगा.

  • 4. SHUAIB  |  March 2, 2006 at 9:39 am

    Pratik भाई:
    मुझे ये जानकर खुशी हुई देवनागरी को उर्दू में बदलने का साफ़टवेयर मुफ़त डाउनलोड किया जा सकता है। किया आप मुझे उसका लिंक बता सकते हैं?
    मेरे खयाल में अभी तक ऐसा कोई साफ़टवेर नही है जो उर्दू यूनीकोड को देवनागरी या रोमन लिपी में बदला जा सके। फिर भी मैं इनटरनेट से खोज कर बता सकता हों।

    रेनू जी:
    मेरा बलोग पढने कि लिये आप का शुक्रिया और आप ने बिलकुल सही कहा।

    Pankaj Bhai:
    मुझे मालूम है कि चौकिदार से हिनदुसतान नहीं डरता :)

  • 5. Pratik  |  March 2, 2006 at 7:43 pm

    शुएब भाई, http://www.crulp.org पर Downloads के अन्तर्गत Hindi to Urdu Transliterator नाम का यह सॉफ़्टवेयर डाउनलोड किया जा सकता है। हाँलाकि यह कितना सही Transliterat करता है, कहा नहीं जा सकता।

  • 6. SHUAIB  |  March 3, 2006 at 5:23 am

    Pratik जी, आप का बहुत बहुत शुक्रया। मैं ने curlup वो सोफटवेर डौनलोड कर लिया और वो काम भी कर रहा है मगर इतना अच्छा भी नहीं पर काम तो कर रहा है। एक बार फिर आप का शुक्रया।

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