ये दुबई नहीं केरला है
बाकी भारतीयों का खयाल है के यहां का मार्केट मलबारीयों ने ही खराब किया है, अब आप ही देखिए हैदराबाद का एक लडका दुबई की एक कम्पनी में secretary जॉब के लिए इन्टरव्यू देने आया, जब salary की बात हुई तो उस लडके ने 3 हज़ार दिरहम मांगे (35,000 Indian) किसी भी professional के लिए यहां की salary ३००० दिरहम से शुरू होती है, इन्टरव्यू लेने वाले ने अपने दफ्तर में काम कर रहे एक मलबारी को बुलाया और उस हैदराबादी लडके से कहा देखो ये भी यहां secretary का जॉब करता है और तनखवा 1500 लेता है, तुम हो की 3000 मांग रहे हो।
जिस तरह भारत में किसी भी छोटी नौकरी के लिए salary ३००० से शुरू होती है यहां UAE में भी यही रिवाज है। सब का खयाल है के यहां मलबारियों ने सस्ते में काम करके भारती workers को और भी चीप बना दिया है। मलबारी लोग आरबों के चहीते हैं वो इस लिए के अगर हम किसी अरबी को हिन्दी में गाली दें तो मलबारी फौरन ट्रांसलेट करके आरबी को सुना कर शाबाशी वसूल कर लेते हैं। मैं ने सुना आरब लोगों को गिनती करना भी नहीं मालूम था मलबारियों ने उन्हें गिनती और नाप तोल करना सिखाया।
अब मेरी ही बात लेलें, मैं ग्राफिक डिज़ाईनर हूं और मेरी salary ३,५०० के साथ कम्पनी ने रूम और transportation भी दिया है। छे: महीने पहले इसी कम्पनी में एक मलबारी ग्राफिक डिज़ाईनर आया जो सिर्फ २,५०० (26,000 Indian) में काम कर रहा है तब से मालिक मुझ पर नज़रें गाढ कर बैठा है फिर भी खामोश है क्योंकि उस मलबारी डिज़ाईनर में मुझ से ज़ियादा experience नहीं है। अरब लोग दूसरे भारतीयों को भी मलबारीयों की तरह चीप सम्झते हैं, लेकिन ये बात नहीं के यहां भारतीयों की कदर नहीं, यहां यूरोप और अमेरिकन कम्पनियाँ भारती professionals की बहुत इज़्ज़त करते हैं और अच्छी salary भी देते हैं। पर मेरा मालिक तो अरबी है ;(
6 comments March 30, 2006
