डरना फालतू है

May 26, 2006

हर दिन ईरान को आंख मारते हुवे अमेरिका लगातार सवाब पा रहा है जबकि वो अच्छी तरह जानता है कहीं कहीं आंख मारने पर मुँह की खाने के साथ जूते भी खाने पडते हैं।

पिछले चंद दिनों में तूफाना कि वजा से चैना की चीखें निकल पडीं अब वो खुश है कि इस वकत तूफाना भारत की ओर बढ रहा है।

सैरिया के राष्टरपति बशर अल आसद पिछले छः माह से ज़मीन पर अपना माथा टिकाए पडे हैं और खुदा को याद करने कि बजाए अमेरिका को भुलाने की कोशिश कर रहे हैं, वो समझाने लगे के अमेरिका से जान छूटी जबकि वो अच्छी तरह जानते हैं कि ईरान से वापसी पर अमेरिका सैरिया भी आ सकता है।

उधर लिबया के चिकने राष्टरपति जनरल गदाफी जान चुके हैं कि अमेरिका कि गुलामी के बगेर कोई चारा नहीं। फिलहाल वो रात दिन अमेरिका की इबादत में लगे हैं क्योंकि पिछले पंद्रह वर्षों से अमेरिका ने इन्हें नाकों चने चबवाए थे और आज अमेरिका के आगे घुटने टिकाने के बाद उन्हें महसूस हुवा कि वो सांस ले सकते हैं।

ईधर पडोसी खुददार नेता जनरल मुशर्रफ बार बार अपनी घडी देखते हुवे खिडकियों से खुदा को तलाश कर रहे हैं जबकि उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि खुदा इस वकत अमेरिका का मेहमान है। दूसरी तरफ दोनों भाई-बहन मियाँ नवाज़ शरीफ और बेनज़ीर भट्टू पाकिस्तान पहुंच रहे हैं ताकि मुशर्रफ का आख़िरी कार्यक्रम अपनी आंखों से देख सकें।

अमेरिकी ऊंट यानी अफगान के राष्टरपति हामिद कर्जदार अपने बिछडे भाईयों से मिलने रोते हुवे दुबाई पहुंचे इस उम्मीद के साथ के अफगानी सदा सुहागन रह सकें। अते ही अपने अरब भाईयों के कन्धे पर सर रख कर खूब रोया और बताया कि किस तरह अमेरिका को पूजने पर आज अफगान पल फूल रहा है। अरब भाईयों ने दिलासा दिया के अमेरिका को सिर्फ तुम नहीं हम भी पूजते हैं और इसमें कौनसी शर्म की बात है और कौन नहीं चाहता कि वो खुल कर सांस ले? अरब भाईयों ने वादा भी किया के अब पहले से ज़्यादा अफगान को दान भेजेंगे और साथ में लगान भी हासिल करेंगे। मौका पाकर अफगानी के राष्टरपति ने भारत की शिकायत कर डाली वो वादे बहुत करता है पर ज़्यादा कुछ नहीं भेजता।

ईसाइ बिरादरी का Davinci Code पर गुस्सा फिल्म बनाने वालों को बडा अजीब लगा, अपने ही लोग काटने को आते हैं। भाई नया ज़माना है और अभी कब तक पुराने किस्सों को याद करते रहोगे। कम से कम फिल्मों को तो मनोरंजन की तरह देख लो भले इसमें ईसा, खुदा और शिव तीनों एक साथ हों।

बॉलीवुड की खूबसूरत बला ऐश्वर्या राय पहले से मशहूर थीं पर अब क्या वजा है कि अपनी मौत की झूठी खबर फैला कर और ज़्यादा मशहूरी चाहती हैं। भले ये झूठी खबर किसी और ने फैलाई हो पर फैदा तो ऐश को ही हुवा। मौत की झूठी खबर सुनते ही उनके चाहने वाले दीवानों ने चैन से सांस लिया इस उम्मीद से कि उनकी जगह कोई दूसरी खूबसूरत बला आएगी।

राम गोपाल वर्मा जो सबको ज़बरदस्ती डराने निकले थे, अब शायद वो दुबारा डराने और खौफ ज़्दा करने की कोशिश न कर सकें। माना कि डरना मना है में थोडा डराने कि कोशिश की पर अब उनकी नई फिल्म डरना ज़रूरी है ने साबित कर दिया कि “डरना फालतू है”।

Entry Filed under: टैम पास. .

3 Comments Add your own

  • 1. e-shadow  |  May 26, 2006 at 2:10 pm

    अच्छा लिखा है शोएब भाई

  • 2. Omni  |  May 26, 2006 at 2:24 pm

    Hello from the United States!! :-)
    Omni

  • 3. मनीष...Manish  |  May 27, 2006 at 2:00 am

    वाह जी ये तो आल इंडिया रेडियो से शोएब साहब समाचार पढ़ते नजर आ रहे हैं । :)

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