Archive for July 3rd, 2006

जापानी कवाली

हमारे पडोस की बिलडिंग मे एक अपने मित्र से मिलने गया तो उसके सामने वाले फ़्लैट से नुसरत फतेह अली खान की चीखें सुनाई दे रही थीं, मेरा मतलब है Classical राग की आवाज़ें। जब उनका दरवाज़ा खुला तो चार जापानी बाहर निकले, मैं इन्हें जानता हूं वो सब एक जापानी रेसटुरंट मे काम करते हैं जो करीब ही है। दूसरे दिन भी मुझे अपने उस मित्र के फ़्लैट पर जाना हुवा तो तब भी उन जापानियों के फ़्लैट से नुसरत की चीखें सुनाई दी और उस फ़्लैट मे सिर्फ जापानी लोग ही रहते हैं उनके अलावा दूसरा कोई पाकिस्तानी या भारती नहीं है। उन जापानियों को अपनी जापानी और अंग्रेज़ी भाषा के सिवा दूसरी कोई भाषा नहीं मालूम। मुझे याद आया एक बार नुसरत फतेह अली खान अपनी कवाली गाने के लिए बेंगलौर आऐ तब एक उर्दू अखबार ने लिखा थाः नुसरत ने चार बार जापान जाकर जापानियों को भी अपनी कवाली सुनाई थी और जापानी लोग नुसरत की कवाली सुनने के लिए अपने जूते उतार कर अदब से बैठते थे।

4 comments July 3, 2006


Recent Posts

 

July 2006
M T W T F S S
« Jun   Aug »
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

a

Recent Comments

kdsingh on मैं शहीद हों
Saif Khan on ये खुदा है – 37
Saif Khan on मैं शहीद हों
rahman on About
rahman on ये खुदा है – 36

इनसे मिलो

My Links

Meta

Archives

Feeds