कैसे करूँ शादी?
अम्मी ने मेरे लिए एक लडकी का फोटो साथ मे उसका बयुडाटा भेजा, वोह 22 वर्ष की BA पास खूबसूरत लडकी है साथ मे पांच वकत की नमाज़ी भी और उसका पूरा खानदान माशा-अल्लाह पक्का इसलामी और दीनदार है उन्हें भी पांच वकत का नमाज़ी और पक्का लडका चाहिए। यहां मेरे चंद मुसलमान मित्रों के साथ इस बारे मे बात किया तो बताया कि लडकी मे कुछ बुराई तो नही सोच समझ कर हां कह दे। मैं ने लडकी के घर वालों को डैरेक्ट खत भेजा जिसमे शादी की शर्त रखी कि अगर शादी होगी तो कोर्ट मे होगी वोरना नहीं। लडकी वाले आग बगला होए और हमारे घर जाकर झगडा किया कि कैसी तरबियत दी है अपने बेटे को? आपका बेटा मुसलमान है या फिर कोई और?? भाई हम मुसलमान हैं शादी घर मे हो या मसजिद मे मगर निकाह ज़रूरी है और आपका बेटा कहता है कि वोह कोर्ट मे शादी करेगा छी छी —— किया लडकी को भगा के शादी करेगा या फिर लडकी लावारिस है?
उसके दूसरे दिन अम्मी ने मुझे फोन पर खूब सुनाई, तेरे विचार बताने की किया ज़रूरत थी? कितना अच्छा खानदान है ढूंडने से भी नही मिलता। अम्मी से बात करते होवे मेरी बोलती गुम होगई क्योंकि अब्बा भी वहीं थे। मैं ये बताना चाह रहा था कि अपनी होने वाली पार्टनर को अपने बारे मे सब कुछ सच सच बता देना चाहता हूं क्योंकि बाद मे वोह ना पछताए और मुझे गालियाँ दे कि पहले क्यों नही बताया। मैं खुल कर अपने विचार अपने घर वालों को बता नही सकता वोरना अब्बा खुद मेरी मौत का फत्वा निकाल देंगे और शाही इमाम दिल्ली से बेंगलौर तक मेरे खिलाफ जुलूस लेकर जनाज़ा के साथ पहुंच जाएगे।
अपने विचारों को शेर करने के लिए ये मेरा ब्लॉग काफी है और मेरी डाईरी यही ब्लॉग है, अपने ब्लॉग पर पूरी आज़ादी के साथ अपने विचार लिख सकता हूँ जो बोल नही सकता। भारत मेरा पहला धर्म है जहां मैं पैदा होवा और उसी देश के बनाए कानून के मुताबिक कोर्ट मे शादी करूँगा मगर ऐसी लडकी मिलेगी कहां?
9 comments July 17, 2006
