अब हम भी वर्डप्रेस पर
हम टकनीकल इनसान तो नही और ना ही प्रोग्रामिंग की ए बी सी डी मालूम है इसके बावजूद दिल पे हाथ रख कर wordpress मे अपना ब्लॉगर वाला ब्लॉग इम्पोर्ट करने मे शायद कामयाब रहे (‘शायद‘ इसलिए कि हमें खुद नही मालूम कहां तक कामयाब रहे?) अब जनाब ब्लॉगस्पाट साहब इतने मसरूफ रहते हैं कि कई बार हमें बगैर लॉग-आफ किए भगा दिया जबकि हम पिछले तीन वर्षों से इस पर मौज मसती करते रहे और मनमानी भी आखिरकार ब्लॉगर ने हमें खैरबाद कहने पे मजबूर कर दिया।
हम वर्डप्रेस पर अजनबी हैं, सब कुछ नया नया - पूरे दो घनटों तक हमारी हैरानी परेशानी देखने लाइक थी क्योंकि पहले ही लिख दिया था कि हम कोई टकनीकलर नही बस यूं ही हाथ पैर मारते मारते किनारे तक पहुंचने की कोशिश करते हैं या फिर डूबने को तरजीह देते हैं। बस जितना समझ आया कर दिया दांतों से तक पसीने छूट गए। अब बाकी भाई दोसतों के मशवरे या उनकी मदद से आगे बढ सकते हैं वरना वहीं के वही
;)
14 comments July 26, 2006
