अब हम भी वर्डप्रेस पर

July 26, 2006

हम टकनीकल इनसान तो नही और ना ही प्रोग्रामिंग की ए बी सी डी मालूम है इसके बावजूद दिल पे हाथ रख कर wordpress मे अपना ब्लॉगर वाला ब्लॉग इम्पोर्ट करने मे शायद कामयाब रहे (शायदइसलिए कि हमें खुद नही मालूम कहां तक कामयाब रहे?) अब जनाब ब्लॉगस्पाट साहब इतने मसरूफ रहते हैं कि कई बार हमें बगैर लॉग-आफ किए भगा दिया जबकि हम पिछले तीन वर्षों से इस पर मौज मसती करते रहे और मनमानी भी आखिरकार ब्लॉगर ने हमें खैरबाद कहने पे मजबूर कर दिया।  

हम वर्डप्रेस पर अजनबी हैं, सब कुछ नया नया – पूरे दो घनटों तक हमारी हैरानी परेशानी देखने लाइक थी क्योंकि पहले ही लिख दिया था कि हम कोई टकनीकलर नही बस यूं ही हाथ पैर मारते मारते किनारे तक पहुंचने की कोशिश करते हैं या फिर डूबने को तरजीह देते हैं। बस जितना समझ आया कर दिया दांतों से तक पसीने छूट गए। अब बाकी भाई दोसतों के मशवरे या उनकी मदद से आगे बढ सकते हैं वरना वहीं के वही :( ;)   :D

Entry Filed under: टेक्नोलॉजी. .

14 Comments Add your own

  • 1. जीतू  |  July 26, 2006 at 4:53 pm

    वर्डप्रेस मे स्वागत है।कुछ सुझाव दे रहा हूँ:

    १. कोई अच्छी सी थीम सिलेक्ट करो या इसी थीम का हैडर बदल सकते हो।
    २. हर पोस्ट की पोस्ट स्लग लिखो (अंग्रेजी मे लिखो तो ज्यादा अच्छा), अगर पोस्ट स्लग नही डिफ़ाइन करोगे तो टाइटिल को पोस्ट स्लग बना देगा, जैसा कि इस पोस्ट मे बना रहा है, देखो लिंक की मां बहन हुई पड़ी है, किसी को देने लायक है ये लिंक?
    बाकी सही है

    मानते है कि पिछली वाली थीम तुमने बहुत मेहनत से बनायी थी, लेकिन IE के अलावा किसी और मे कुछ नही दिखता था।ये सही है, किसी भी ब्राउजर पर चलाकर देख लो।

  • 2. उन्मुक्त  |  July 27, 2006 at 3:23 am

    चलिये अब आपकी पोस्ट तो पढ़ पायेंगे, अभी तक आपकी पोस्टें पढ़ने में नाकामयाब रहा था। कुछ सुझाव,
    १. लगता है कि आप पोस्टों को juastify कर रहें हैं जिसक्े कारण फैल रहीं हैं, इन्हे left allign कर के लिखिये।
    २. मैं वर्ड प्रेस पर छुट पुट नाम से एक चिट्ठा लिखता हूं। इसम्ेन्मुझे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा इस्दके१ लिये मैने निम्न दो पोस्टें लिखीं हैं,
    १. Erroro 404;http://unmukts.wordpress.com/2006/06/02/error-404/
    2.वर्ड प्रेस पर हिन्दी चिट्ठे की एक और मुश्किल और उसका हल http://unmukts.wordpress.com/2006/07/10/blog-problem-2/

    इन्हे भी देख लें।

  • 3. अनूप शुक्&hellip  |  July 27, 2006 at 6:15 am

    बढ़िया है यह ब्लाग। बधाई!

  • 4. SHUAIB  |  July 27, 2006 at 7:22 am

    जीतू भैया – आप और सौ साल जिएं – यकीन करें कि अभी ब्लॉग खोलने से पहले मैं ने आप ही को याद किया था कि मेल भेज कर आपसे मदद मांगूँ और भगवान ने आपको भेज दिया, धन्ये हैं आप

    आपने जो सुझाव देए थे उसके लिए धन्यवाद मगर प्लीज़ आप मेरी मदद करें
    १. हैडर तो मैं बदल सकता हूं मगर किया मैं अपनी मरज़ी का थीम बना सकता हूं? जैसे ब्लॉगर पर बनाया जाता है
    २. ‘स्गल’ कहां और कैसे बनाते हैं अभी वही देख रहा हूं – अपका मतलब है कि पोस्ट का लिंक उसी पोस्ट को देदूं (मगर पोस्ट हिन्दी है तो) ये अंग्रेज़ी में कहां लिखूं

    वोह अपनी ब्लॉगर वाली थीम CorelDRAW पर बनाई थी :D शायद इसी लिए वोह दूसरे ब्ररवज़र पर नही खुलती – मुझे Html और Java ज़रा भी नही मालूम तभी तो सभी टम्पलीट अपने पैदाईशी सॉफ्टवेर CorelDRAW पर बनाता हूं।

    अनूपजीः बधाई किलिए आपका धन्यवाद

  • 5. SHUAIB  |  July 27, 2006 at 9:40 am

    उन्मुक्तजीः अपके सुझाव के लिए बहुत बहुत धन्यवाद और मेरे पुराने ब्लाग पर आपको पढने जो मुशकिलें हुई उसके लिए माफी चाहता हूं – सुझाव के लिंक देने कि लिए एक और धन्यवाद :)

  • 6. Amit  |  July 27, 2006 at 12:26 pm

    नया और बेहतर घर मुबारक हो!! :)

  • 7. शेखचिल्ल&hellip  |  July 27, 2006 at 1:10 pm

    शुएब जी, बहुत सुंदर दिख रहा है आपका चिट्ठा। नए स्वरूप की बधाई।

  • 8. शेखचिल्ल&hellip  |  July 27, 2006 at 1:12 pm

    एक सुझाव और है( हमारे चिट्ठे पर भी यह किया है)। दूसरों के खयालात इस तरतीब से हो कि सबसे नयी टिप्पणी सबसे ऊपर हो। इससे नयी बातें सबसे पहले पढ़ने को मिलेंगी।

  • 9. SHUAIB  |  July 27, 2006 at 2:11 pm

    अमीतजीः धन्यवाद – आप आए तो हमारे ब्लॉग पर बहार आगई :)

    शेखजीः (मैं आपको शेखचिल्ली नही कहूंगा) वोह किया है कि हमें अभी तक इस वर्डप्रेस के अपशन्स समझ नही आए – ये आप ही बता देते तो अच्छा था कि नई टिप्पणी को सबसे ऊपर लाने कि लिए मुझे किया करना होगा? और बधाई देने कि लिए आपका धन्यवाद – उम्मीद है आपका और हम सब का साथ हमेशा काइम रहेगा – आमिन

  • 10. मनीष  |  July 27, 2006 at 3:31 pm

    नया घर मुबारक हो !

  • 11. shuaibi  |  July 27, 2006 at 5:13 pm

    मनीषजीः थैंकयू :) और धन्यवाद

  • 12. drprabhatlkw  |  July 28, 2006 at 12:55 pm

    शुएब जी, बढिया लग रहा है आपको वर्ड प्रेस पर देखकर, लेकिन सही कहूं तो ब्लाग स्पाट पर आप ज्यादा रूमानी लग रहे थे,चलिये एक बार फ़िर से बधाई।

  • 13. उन्मुक्त  |  July 30, 2006 at 8:27 am

    वर्ड प्रेस पर थीम जैसे ब्लौगरमें बनायी है वैसे नहीं बना सकते हैं बस कुछ टेमप्लेट में हैडर बदल सकते हैं|
    पोस्ट हिन्दी में हो तो भी स्लग अंग्रेजी में कर सकते हैं और हमेशा करनआ चाहिये| जहां आप पोस्ट को लिखते हैं वहीं दहिने हांथ के कालम में देखें|

  • 14. SHUAIB  |  July 30, 2006 at 4:54 pm

    धन्वाद उन्मुक्त जीः ऐसा ही करूंगा

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