नई बातें - नई सोच
उर्दू ब्लॉगिंग ग्रुप मे एक बार फिर हंगामा खडा करदिया जैसे अभी दो दिन पहले परिचर्चा मे कुछ पढने को मिला। बहुत पहले से ही हम ने अपने उर्दू ब्लॉग का फीड बंद कर दिया था क्योंकि वहां उर्दू प्लानट पर (नारद जैसा) हमारे लेख पढ कर मज़हबी लोगों की चीखें निकल पडती हैं, हमारे लेख ना तो कोई पढ सकता है ना समझ सकता है और हमारा ब्लॉग तो बस अपनी डाईरी की तरह है जिसमे हम खुल कर अपने विचार लिख सकें और मन की भडास भी निकालें।
हाल ही मे उर्दू प्लानट (नारद जैसा) के एडमिन जो कम्युनिस्ट टाइप के पाकिस्तानी अमेरिका से हमसे पूछा कि आपने अपनी ब्लॉग फीड क्यों बंद करदी और आपका ब्लॉग फाइरफाक्स पर नही खुलता। हम ने उनको जवाब दियाः कृपया आप उर्दू प्लानट का नाम बदल कर “इसलामी प्लानट” रख दें, जहां हमारे लेख मुसलमानों के पल्ले नही पडते। एडमिन ने हमसे कहाः जब आप जैसे लोग उर्दू प्लानट पर ना होंगे तो ज़ाहिर है वोह इसलामी प्लानट ही बनता रहे गा। एडमिन ने और कहाः आपकी किस्तें “खुदा से मिलो” बहुत खूब जा रही हैं, लोगों की राए पर ना जाएं और अपनी ब्लॉग फीड दुबारा उर्दू प्लानट के लिए जारी करें।
एडमिन साहब के कहने पर हमने अपना उर्दू ब्लॉग का फीड दुबारा खोल दिया। जैसा कि हम पहले भारती उर्दू ब्लॉगर हैं और बाकी 99% पाकिस्तानी कटटर मजहबी लोग हैं। उर्दू प्लानट पर कुछ नए ब्लॉगर्स ने हमारे लेख पढे तो चिल्ला उठे और मुफ्त की ब्लॉगिंग का फाईदा उठाते हुए हमारे खिलाफ पोस्ट पर पोस्ट लिखना शुरू कर दिया - हमने एडमिन से शिकायत की के देखा आपने, इसीलिए हम नही चाहते कि उर्दू प्लानट पर हमारे लेख नज़र आएं - और आज उर्दू ब्लॉगर हैं कि सब कुछ छोड कर हमारे खिलाफ बुरा लिख कर पोस्ट करना शुरू करदिया, वोह लोग अपने ब्लॉग पर धार्मिक बातें लिखते लिखते आज हमारी ऊंच नीच की गिनती लिखना शुरू करदी। एडमिन ने उन ब्लॉगर्स को वारनिंग दी कि अगर आईंदा से एक दूसरे के खिलाफ कोई बदतमीज़ी लिखी तो उसे प्लानट से निकला दिया जाएगा।
चंद उर्दू ब्लॉगर्स उलटा एडमिन पर ही बरस पडे कि एडमिन तो पाकिसतानी मुसलमान है और उलटा हमें वारनिंग दे? ब्लॉगर्स ने एडमिन से पूछा किः एडमिन साहब आप अपना मज़हब बताएं? और शुऐब की तरफदारी क्यों कर रहे हो? शुऐब तो ना हिन्दू है ना मुसलमान और वोह खुदा के नाम पर बकवास लिखता है आदी - शुऐब को उर्दू प्लानट से निकाल फेंको वोह इस्लाम के खिलाफ लिखता है। एडमिन ने उर्दू ब्लॉग पर सबको जवाब दियाः शुऐब ने कभी इस्लाम के खिलाफ नही लिखा बलकि पढने वाले उनके लेख पढ कर गलत समझते हैं - कृपया आप सब एक दूसरे के विचारों को समझें और आपस मे गाली गलोच ना करें।
मगर उर्दू ब्लॉगर्स हैं कि हमारे खिलाफ लिखते ही जा रहे जिनके लेख उर्दू प्लानट पर हम खामोशी से पढ रहे थे और जब लिखने वालों ने लिखते लिखते भारत और हमारी मां के खिलाफ भी पोस्ट लिखा तो हमसे बरदाश्त ना हुवा - और फोरन उन लोगों को पराईवेट मेल भेज कर उनकी मां बहन एक करदी और बताया कि हम भी अगर चाहते तो आप लोगों के खिलाफ पोस्ट लिखते मगर हम तुमहारी तरह नही कि अपने ब्लॉग को गंदा करे साथ मे उर्दू प्लानट को भी गंदा करे, इस लिए ये पराईवेट मेल भेजी है। अगर दुबारा हमारे खिलाफ या भारत के खिलाफ कुछ लिखा तो हम तुमहारा बहुत बुरा हशर करेंगे। ये एक हिन्दुस्तानी के अलफाज़ हैं जो कहे वोह कर दिखाए।
कमाल होगया - हमने जो चाहा वही हुवा - उन बेवकूफों ने हमारी पराईवेट मेल को भी अपने ब्लॉग्स पर पोस्ट कर दिया जो उर्दू प्लानट पर सब ने देख लिया जहां किसी ने हमारी मेल का कॉपी भी पोस्ट किया था जिसमे हम ने उनकी मां बहन गिनी थी। एडमिन ने जब देखा की प्लानट पर गंदी गालियाँ - फोरन प्लानट को डावन करदिया और वोह पोस्ट लिखने वालों को उर्दू ब्लॉगिंग ग्रुप से निकाल दिया। एडमिन से हमने पराईवेट गुज़ारिश कर के हमारा भी ब्लॉग उर्दू प्लानट से निकाल लिया कि हमारे लेख हमें ही मुबारक, हमारे लेख हम अपने लिए ही लिखते हैं और ये आपकी महरबानी के आपको हमारे लेख पसंद आए।
जिन लोगों ने हमारे खिलाफ पोस्ट लिखे और हमारी भेजी हुई पराईवेट गालियों को सरे आम दिखाया - आज वोह बहुत बुरी तरह फंस गए, खुद बदनाम हुए और दूसरे उनके साथी ब्लॉगर्स ने भी उन्हें बुरा भला कहा कि आप लोगों को शुऐब की तरफ से जो गालियाँ मिली थी वोह अपने लिए ही रख लेते ना कि सबको दिखाने निकले। खैर हमने जो चाहा वही हुवा, हम चाहते थे कि वोह खुद बदनाम हों और होगए और अपने ही पाकिस्तानी लोगों मे इज़्ज़त भी गंवाली।
ब्लॉग हमारा अपना है - यहां हम अपने विचार लिखते हैं अपने मन की बातें लिखते हैं - इन्टरनेट पर हमारी ये खुली किताब है - सब ब्लॉगर्स जो लिखते हैं हम वोह लिखना नही चाहते और जो लोग पढना चाहते हैं हम वोह नही लिख सकते - हम तो बस अपनी मरज़ी की लिखेंगे अपने लिए - “खुदा से मिलो” की किस्तें, ये भी हमारे अजीब विचार हैं, पढ कर समझे तो हैरान हो और ना समझे तो परेशान हो। ऐसा ही कुछ हमारे उर्दू ब्लॉग पर होता है - हम बाकाईदा “खुदा से मिलो” पर लिखते जा रहे हैं जिसकी इस वकत 26 वीं किस्त पोस्ट करदी है - आज भी इन लेख पर टिप्पणी मे कोई वाह वाह लिखता है और कोई गालियाँ लिख जाता है।
15 comments August 4, 2006
