Archive for August 15th, 2006
भारत का उलटा तिरंगा
गलती किसकी?
आज भारत के स्वतंत्रता दिवस के शुभ मौके पर दुबई से छपने वाले अंग्रेज़ी अखबार Gulf News के SPECIAL REPORT (मेगज़ीन) के 20 वें पन्ने पर छपा Thomas Cook का ऐड देखें जिस पर भारत का तिरंगा उलटा छापा है। कॉपी अटाच की होई है
ये बात दिल्ली तक जाए। सब भारतियों से गुज़ारिश है के इसका चर्चा हर जगाह करें क्योंकि ये भारत की इज़्ज़त का सवाल है – एक इनटरनैशनाल शहर दुबई मे छपने वाला अखबार जिसमे सभी देश के लोग काम करते हैं और भारत के तिरंगे के साथ इतनी बडी गलती? ये हमसे बरदाश्त नही।
6 comments August 15, 2006
आज छुट्टी है?
सुबह सबेरे परेड ग्रऊँड पहुंचो, तिरंगा लहराव,
मन्त्रीयों का भाषन सुनो और तालियाँ बजाउ फिर मिठाई खाउ
आज सुबह सिर्फ दो घंटे आज़ादी का जशन मनाने के बाद बाकी पूरा दिन छुट्टी है
हम सब भारतीयों को 59 वीं आज़ादी की छुट्टी मुबारक
आज सुबह को सभी भारतीयों ने आज़ादी मिलने की खुशी मे अपने जोश और जज़बे का इज़हार देश भक्त गीतों से किया फिर सभी भारतीयों ने पूरी आज़ादी के साथ सुबह सुबह थंडी सांस ली क्योंकि आज छुट्टी का दिन है। और ऐसे भी लोग हैं जो आज का दिन सिर्फ छुट्टी समझ कर गुज़ार देते हैं। स्कूली बच्चों को याद दिलाया जाता है कि किस तरह शहीदों ने अपनी कुरबानियों से इस देश को आज़ाद करवाया, और इनही की वजा से आज हम आज़ादी के साथ सांस ले रहे हैं। बच्चे तो मान जाते हैं मगर आज भी चंद लोगों का रोना है कि ये कैसी आज़ादी है? कौन कहता है कि भारत आज़ाद देश है? ऐसे लोग और पचास साल बाद वैसे ही रोते नज़र आऐंगे कि भारत तो आज़ाद है मगर हम अभी तक गुलाम हैं। आज अगर भारत चीन और अमेरिका से दो कदम पीछे है तो सिर्फ उन लोगों की वजा से जो इसी देश का खाते हैं और दूसरे देशों का गाते हैं और तो और इतने बडे आज़ाद देश मे डरते हुए सांस लेते हैं। देखा जाए तो हर कोई सच्चा भारती अपने देश मे पूरी आज़ादी से सांस ले रहा है क्योंकि ये सिर्फ अपना देश ही नही बल्कि हमारी मां सम्मान देश है और अपनी मां की गोद मे बैठ कर पूरी आज़ादी से सांस लेने वाला किसी से डरता नही और वोह आराम से मज़े मे रहता है। अपनी किस्मत का शुक्र अदा करना चाहिए कि हम एक जन्नत जैसे देश मे पूरी पूरी आज़ादी से हैं। आज अखबारों मे खबरें पढ कर डर लगता है कि किस्मत मे अगर हमारा जनम किसी ऐसे वैसे देश मे होता तो —- ऊपर वाले ने हमारी किस्मत चमकादी जिसने हमें एक आज़ाद और खुशहाल देश का शहरी बनाया और बाकी दुनिया की नज़रों मे इज़्ज़त दी जिस पर फखर से कहने को दिल करता है हम हिन्दुस्तानी हैं।
3 comments August 15, 2006
