इनसे मिलो - 30
ये ख़ुदा है
आज ख़ुदा नींद मे वनदे मातरम् बडबडाया तो अमेरिका की चीखें निकल पडीं, पिछले दो वर्षों से ख़ुदा हमारी अपनी क़ैद मे है और उसे अभी तक अमेरिका से बाहर जाने नही दिया। जापान ने अमेरिका को वारनिंग लिख भेजाः बस बहुत होगया, अब ख़ुदा को अमेरिका से बाहर निकलना ही होगा सारी दुनिया उसकी झलक देखने बेताब है - अगर अमेरिका ने ख़ुदा को आज़ाद नही किया तो वरना —- हम भी मुख़तलिफ किसम के ख़ुदा बना कर बेच देंगे। दूसरी तरफ राशिया, कोरिया और सिंगापुर ने भी जापान की हिमायत करदी, वोह दिन दूर नही जब हर देश का अपना ख़ुदा होगा। मगर अमेरिका की खुश-किस्मती सबसे बढिया खुदा उसकी अपनी क़ैद मे है, ख़ुद अमेरिका ने कहाः ख़ुदा का शुक्रिया के ख़ुदा हमारी क़ैद मे है। सबुह उठ कर ख़ुदा ने सबसे पहले अज़ाँ दीः ख़बरदार दुनिया वालों, जो अमेरिका को ताक़तवर नही मानता वोह हम मे नही - और लानत हो उस पर जो अमेरिका का खाए फिर उसी पर उंगली उठाए। आज ख़ुदा ने अमेरिका से भारत यात्रा की इजाज़त चाही, अमेरिका ने मना करदियाः ख़ुदा का भारत यात्रा करना ख़तरनाक है क्योंकि वहां कोई एक धर्म नही बल्कि ऐसे वैसे लोगों का देश है के आपका एक बाल मिल जाए तो मज़ार बनादें, दूध से नेहला कर आपके सर पर नारियल तोड सकते हैं यहां तक के आपके कपडे फाड कर अक़ीदत से खाजएंगे फिर उसके बाद किसी तालाब मे डूबा कर आपको घुला देंगे। अच्छा है आप अमेरिका ही मे रहें, यहां धार्मिक लोग कम इनसान ज़्यादा हैं और यहां किसी किस्म का भेद भाव भी नही। इतना सुनकर ख़ुदा ख़ौफ के मारे भारत यात्रा का प्लान कैनसल करदिया और सरकारी न्यूज़ चैनल पर भारत को पैग़ाम भेजाः दुनिया के महान देश भारत को हमारा यानी ख़ुदा का सलाम, बडी तमन्ना थी भारत यात्रा की पर किसी वजह से टालना पडा। आज भारत मे वनदे मातरम् पर इतना हल्ला क्यों मचाया जारहा है, आख़िर क्या ज़रूरत थी एक से एक धर्मों को जनम देने की? किसी को वनदे मातरम् पढना पसंद है और किसी को नहीं ये अलग बात है - अगर आप अपने देश को खुश हाल और तरक्की दिलाना चाहते हो तो देश भक्त बनो देश के गीत गाओ और अगर कोई देश की शान मे गीत ना गाए तो समझो वोह इस देश का नही — जारी
बाकी फिर कभी
9 comments August 30, 2006
