ये खुदा है - 33
October 8, 2006
[उत्तर कोरिया का मौसम]
पता नही क्यों, आज शाम की चाय के बाद खुदा को पान खाने की सूझी और वैसे भी अमेरिका मे कानूनी तौर पर पान खाना जुर्म है। खुदा अपना चमत्कार दिखाने ही वाला था अचानक मुशर्रफ ने आगे बढ कर खुदा की खिदमत मे पान पेश किया। पान चबाते खुदा ने बडे अफसोस के साथ कहना शुरू कियाः अब छोटे देश भी अपनी ताकत आज़माना चाहते हैं, उत्तर कोरिया पर हमारी लानत है जो अमेरिका को तंग करने पर तुला है। अगर आज के बाद कोई न्युकल्यिर धमाके टेस्ट करने की कोशिश करे, खुदा अमेरिका के साथ है और खबरदार जो कोई अमेरिका को तंग करे तो उस के लिए खुदा हाफिज़। करीब खडे मुशर्रफ पर पिचकारी मारते हुए खुदा ने गुस्से मे कहाः अफगान और ईराक को सुधारते हम कंगाल हो चुके, लेबनान मे हिज़बुल्लाह को ललकार कर अपनी टांग तुडवाली - अब समझ मे नही आता कि अपना लंगडा नाच ईरान मे दिखाए या उत्तर कोरिया मे? फिर एक बार पान की पिचकारी को मुशर्रफ पर मारते हुए खुदा ने कहाः हम दिल्लगी ही दिल्लगी मे मुशर्रफ को नचाते रहे और वो नाचते हुए डिस्को डांसर बन गए। बायें तरफ खडे अफगान राष्ट्रपति हामिद कर्ज़दार को देखेते हुए खुदा ने मुस्कुरा कर कहाः

पान खाने के बाद अब हमें नाच देखने को मन कर रहा है, मुशर्रफ और हामिद कर्ज़दार से बिनती है के आप दोनों मिलकर भांगडा डालें और खुदा को खुश करें। मेंगलौर के ताज़ा दंगा-फसाद पर खुदा ने हँसते हुए फरमायाः अच्छा है कि हम भारत मे नही बल्कि अमेरिका मे रहते हैं, अगर भारत मे होते तो वहां के अजीब लोग हमें अकीदत से चबा डालते। तभी एक भारती ने खुदा के नाम खत लिखाः हमें आपकी कोई ज़रूरत नही क्यों के हमारे देश मे हर क़िस्म के भगवान हैं और हम भारती एक-दूसरे के भगवानों को चबाते रहते हैं जो कि हमारे कल्चर का एक हिस्सा बन चुका है – जारी
बाकी फिर कभी
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1.
नितिन | October 8, 2006 at 11:30 am
बहुत खूब!! खुदा खैर करे!
2.
PRABHAT TANDON | October 8, 2006 at 11:34 am
बहुत बढिया शुएब, लगता है खुदा के करीब के newsreporter बन गये हो यानि असली के नारद.
3.
जगदीश भाटिया | October 8, 2006 at 11:43 am
शुएब भाई, बहुत खूब!
4.
Punit Pandey | October 8, 2006 at 11:48 am
अमां यार, आप तो एकदम पिल ही पडे हैं । जाने दीजिए और माफ करिए बच्चों को
5.
प्रतीक पाण्डे | October 8, 2006 at 6:08 pm
सही जा रहे हो शुऐब भाई। इस श्रंखला की अगली प्रविष्टि का इन्तज़ार रहेगा…
6.
प्रियंकर | October 9, 2006 at 5:10 am
शुएब भाई ! स्वघोषित सर्वशक्तिमान अधिनायक का अदभुत रूपक — मेटफर — रचा है . अन्योक्ति की ऐसी मार बहुत ज़रूरी है . आपको बधाई !
7.
हितेन्द्र | October 9, 2006 at 2:47 pm
खुदा को बख्श दो भैया। आगे की कड़ी का इंतज़ार रहेगा ।
बहुत खूब!
8.
हितेन्द्र | October 9, 2006 at 2:52 pm
खुदा के अच्छी खबर ली है। क्या इस श्रेणी में खुदा की आर्थिक नीतियों में दादागिरी को भी शामिल किया जाएगा? आतंकवाद के मुद्दे के अलावा भी खुदा ने शैतानी हरकतें हर ओर मचा रखी है।
आगे की कड़ी का इंतज़ार रहेगा ।
बहुत खूब!
9.
संजय बेंगाणी | October 9, 2006 at 2:55 pm
अपन तो सदा से ही इस श्रृंखला के फैन रहे हैं. बहुत खुब मियां, लगे रहो.
10.
समीर लाल | October 9, 2006 at 8:29 pm
बहुत सही. जारी रखो “ये खुदा है”. अच्छा कवरेज चल रहा है.
11.
इदन्नम्म | October 10, 2006 at 11:23 am
शुएब भाई, अबकी बार खुदा से मिलो तो ईद मुबारक जरूर कर देना, हमारी तरफ से भी। वो क्या है कि आजकल खुदा हमसे भी नाराज चल रहा है।
12.
bhuvnesh | October 11, 2006 at 8:22 am
अब तो उत्तर कोरिया ने भी धमाका कर ही दिया इस पर भी लिख डालिए इंतजार रहेगा।