दिन मे प्लेन गिनना
हमारी छत के ऊपर बिलकुल करीब से हर 3 मिनट पर हर देश का हवाई जहाज़ उतरता है वो इस लिए के एरपोर्ट बिलकुल पास मे है। और हर पांचवें प्लेन की आवाज़ इतनी भयानक होती है जैसे ये अपने घर पर ही उतरे गा। कल शाम को बाहर कहीं जाने के लिए गेट खोला ही था कि नज़रों के बिलकुल सामने ऐर-इन्डिया कान फाडते हुए आया। पहले तो एक पल के लिए दिल मे खुशी की लहर दौड़ पडी क्योंकि विदेश मे अपने देश का हवाई जहाज़ आंखों के सामने था - जब वो बहुत ही नीचे यानी अपने सर पर ज़ोरदार आवाज़ से आया तो लगा कि ये अपने सर पर यकीनन गिरने ही वाला है। दिन भर यहां से दर्जनों प्लेन उतरते हैं और एक ही तरीके से सीधा उतर हैं मगर ये हमारा
ऐर-इन्डिया कुछ ज़्यादा ही नीचे से उतरा - फिर खयाल आया आखिर अपने ही देश का प्लेन है, कैसे भी उतरे उसकी मर्ज़ी और शायद उसके पाइलट सरदारजी होंगे जो सबसे अलग ही उतर रहे थे।
पिछले सप्ताह हम सब लोग शारजाह छोड दुबई चले आए - हर दिन शारजाह से दुबई आते-जाते थक चुके थे। हमारी कम्पनी ने हम लोगों का Accommodation जो पिछले चार वर्षों से खूबसूरत शहर शारजाह मे था अब दुबई मे शिफ्ट कर दिया और वो भी शहर से दूर ऐरपोर्ट के पीछे जहां बस और टैक्सी भी नही, एकदम बडी बडी सडकें, दूर दूर तक होटल और खने पीने की दुकानें तक नही - हर तरफ बडे बडे आलिशान Villas यहां सब अमीर लोग रहते हैं और इनके बीच मे हम बेचारों को डाल दिया। ना साइबर केफे है ना रेस्टुरंट। हमारे एक मित्र जो अपनी फेम्ली के साथ शारजाह ही मे रहते हैं, उन्हों ने मुझ से मज़ाक मे पूछाः जब वहां कुछ नही तो शाम को आफिस से आकर घर पर क्या करते हो? मैं ने जवाब दियाः हवाई जहाज़ गिनते हैं, कौनसे देश का कितवां प्लेन है।
12 comments October 11, 2006
