ये खुदा है - 34
October 12, 2006
[ 9/11 जुनियर ]
खुदा की नींद हराम, अपना बिस्तर छोड फोरन महल से बाहर चीखते हुए भागा। आसमान पर कान फाडते अमेरिकी सेना के लडाकू जहाज़, खुदा ने झिल्लाते हुए कहाः लानत है, हमारी नींद खराब करदी। वो तो शुक्र है अमेरिका ने खुदा को तसल्ली दीः
ये सब आप ही की सिक्यूरिटी के लिए आए हैं। थंडा पानी पीने के बाद खुदा ने फरमायाः समझ मे नही आता आखिर ये लडाकू जहाज़ कान क्यों फाडते हैं? हम भी जगह जगह भूकम्प और भूचाल लाते हैं मगर मजाल है जिस से कोई आवाज़ निकले। अगर किसी को डराना है तो उसके हाथ पैर तोड देते या फिर उसे जान से ही मार डालते जैसे हम भूकम्प भेज कर सेकडों को एक साथ मारते हैं मगर किसी के कान नही फाडते। अमेरिका ने खुदा के मुंह पर थंडा पानी मारते हुए कहाः अब बस भी करें जब देखो आप अपनी ही तारीफ करते रहते हो जबकि आज फिर किसी ने 9/11 की याद ताज़ा करदी। अब पता लगाने की कोई जरूरत नही ये घटना किस ने की, इस प्लेन को भी ज़रूर उसामा ने ही भेजा है। बातों बातों मे अमेरिका ने खुदा को शर्म भी दिलाईः इतने वर्ष होगए आज तक उसामा को पकड ना सके और बातें बाडी बाडी करते हो जब देखो भूकम्प से डराते हो और खुद नहाने के लिए इन्डोनेशिया के समुद्र मे डुबकी लगाते हो और ऊपर से हमारी बदनामी कि अमेरिका ने क्यों नही बताया खुदा यहां इनडोनेशिया के समुद्र मे डुबकी लगाने वाला है। अमेरिका ने खुदा को समझायाः दुनिया इतनी बडी है और समुद्र दुनिया से बडा है आपको क्या खुजली है हमेशा से नहाने के लिए इनडोनेशिया के किनारे छलांग मारते हो और वहां के बेचारों को हर वर्ष एक नए सुनामी से मुलाकात करवाते हो? सरे आम यूं शर्मिन्दा होना, खुदा को बहुत गुस्सा आया, अमेरिका को तपाने (परेशान) के लिए उत्तर कोरिया को ईशारा दे दिया — जारी
बाकी फिर कभी
Entry Filed under: इनसे मिलो. .
8 Comments Add your own
Leave a Comment
Some HTML allowed:
<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>
Trackback this post | Subscribe to the comments via RSS Feed

1.
PRABHAT TANDON | October 12, 2006 at 12:30 pm
SBC यानि शुएब ब्राडकास्टिंग सर्विस का हार्दिक स्वागत्।
आज की ताजा खबरों के लिये हमारे खबर नफ़ीस शुएब जो खुदा के दरबार से सीधे आपको रनिंग कमेन्टरी सुनायेगें।
शुएब भाई बहुत खूब!
2.
SHUAIB | October 12, 2006 at 12:53 pm
अरे भाई तारीफ का शुक्रिया मगर ऐसी कोई बात नही। हर खबर पर टिप्पणी लिखने के वासते मेरे लिए ये एक Base है। और “खुदा” मेरे इन लेखों का खास करदार (अदाकार) है, जैसा के भगवान (खुदा) हर जगह होता है वैसे ही मेरे इन लेखों मे, हर घटना के साथ खुदा को इस लेख मे खास मुकाम (हीरो) बनाता हूं। चाहे वोह खुदा हो, भगवान हो या फिर जीसस हो सभी तो एक ही हैं ना जिसने मुझे और तुम्हें बनाया
3.
bhuvnesh | October 12, 2006 at 1:40 pm
bahut khoob suaib bhai
bechara khuda bhi apni khair mana raha hai usa mein…….
4.
संजय बेंगाणी | October 12, 2006 at 1:45 pm
वाह भई, बहुत खुब.
वैसे खुदा तथा जीसस एक नहीं हैं, जीसस खुदा का बेटा हैं खुद खुदा नहीं.
5.
समीर लाल | October 12, 2006 at 2:09 pm
वाह भाई, यह लेख और टिप्पणी दोनों खुब रहीं.
6.
ratna | October 12, 2006 at 3:06 pm
बहुत मज़ा आया पढ़ कर ।
खुुदा से खुदा(अमरीका) की हुई मुलाकात
काफी असरदार तरीके से शुरू हुई बात
लगता है दोनों में जम कर पटेगी
यह कहानी यूहीं आगे बढ़ती रहेगी।
7.
viren | October 13, 2006 at 12:42 pm
you are right sir and lage raho
8.
इदन्नम्म | October 14, 2006 at 11:43 am
बहुत बढिया शुएब भाई। आपने तो खुदा को भी आईना दिखा दिया। वैसे कहीं ये आईना जगदीश जी का तो नही!!