रौशन चिराग

October 14, 2006

अब मुझे क्या मालूम था, जब गूगल इमेज्स पर “दिया” (Diya) खोजा तो उसने जीतू भाई को ढूंड निकाला। दरअसल मुझे ये वाला दिया चाहिये था साथ मे जीतू भाई भी दिया बन कर उभरे, दुआ है हिन्दी ब्लॉगजगत मे हमारे बीच वो ऐसे ही रौशन चिराग की तरह जगमगाते रहें।

Entry Filed under: तलाश. .

5 Comments Add your own

  • 1. प्रतीक पाण्डे  |  October 14, 2006 at 1:20 pm

    अरे, यह तस्वीर आपको कहाँ से मिल गई। इसे मैंने जीतू भाई के जन्मदिवस पर उनकी लम्बी उम्र की कामना के तौर पर भेजा था। वैसे भी, जीतू भाई हिन्दी ब्लॉग जगत् के चिराग हैं और इसे रौशन कर रहे हैं।

  • 2. समीर लाल  |  October 14, 2006 at 3:54 pm

    जीतू भाई तो नारद हैं कहीं भी मिल सकते हैं, मगर आप दिया (मिर्जा) को क्यूँ खोज रहे थे?

  • 3. PRABHAT TANDON  |  October 14, 2006 at 5:51 pm

    बहुत बढिया खोज निकाला। ऐसे ही अगर आप गूगल पर failure टाइप करें और I’m feeling lucky का बटन दबा दें तो देखिये किसके बारे मे साईट खुलती है। वह जो आज के सबसे बडे failure शख्स है।

  • 4. उन्मुक्त  |  October 15, 2006 at 12:58 am

    आप की बात का शक नहीं

  • 5. pankaj बेंगाणी  |  October 15, 2006 at 4:32 am

    अगर जितु ताऊ चुनाव में खडे हों तो वे आपको ही प्रचार अधिकारी बनाएंगे इसमें कोई शक नहीं। ;-)

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