ये खुदा है - 35
[ ईद का चांद ]
अमेरिका ने खुदा के आगे चीन देश पर मुकद्दमा ठोंका कि वो चांद पर खुल्लम खुल्ला फ्लैट बेच रहा है, वो दिन दूर नही जब पूरे चांद पर चीन अपना कब्ज़ा जमाले। फिर पता नही उन लोगों का क्या होगा जो चांद को पूजते हैं, बगैर चांद के रमज़ान कैसे बिताएँ और ईद क्या खसाबों की शकल देख कर मनाएं? अचानक खुदा के आंसू निकल पडे, वो बिलक कर रोने लगा। जब भारत ने अगे बढ कर वजह पूछी तो खुदा ने रोते हुए आज का
अखबार दिखायाः श्रीलंका मे दर्जनों फौजी जवान मारे गए, इन का कसूर क्या है यही के पिछले दिनों इनही फौज ने एलटीटीई वालों को मारा था? आखिर ये कब तक चलेगा, ज़मीन के एक छोटे से टुकडे के लिए इनसान एक-दूसरे के खून का प्यासा – इन को सोनामी से डराया भी मगर ये इनसान सुधरना तो दूर खुद खुदा को ही सुधार देंगे। खुदा को यूं ही नहाने की सूझी, लंका समुद्र किनारे छलांग मारने ही वाला था जिस से एक ज़बरदस्त सोनामी मचलने को थी अचानक मुशर्रफ सर खुजाते सवालों की एक बोरी लाकर खुदा के आगे रख दियाः पचास वर्ष हो गए हमारे देश मे आज भी ईद के चांद पर झगडा खतम नही हुआ - किसी को दिखता है और किसी को नही। ऐसी कोई बात नही के सभी पाकिस्तानी ईद के चांद से लगऊ रखते हैं, बात दरअसल ये है कि ईद का चांद नज़र आजाए तो दो दिन की छुट्टी मिलेगी। सिर्फ पाकिस्तान ही मे नही बल्कि दुनिया भर के मुसलमान आज भी ईद के चांद को ले कर झगडा करते हैं कि ईद आज मनाएं या कल? ब्राए मेहरबानी इसका कोई उपाय बताएं। खुदा ने अपनी सादगी से जवाब दियाः चांद नज़र आए या नही हर दिन ईद मनाएं - खुशी का मतलब ईद है और हर दिन ईद हो ताकि दूसरों पर उंगली उठाने का टाइम ना मिले। उधर जापान के नए प्रधान मन्त्री ने अमेरिका को वारनिंग लिख भेजाः बस बहुत हो गया जब से खुदा ज़मीन पर आया, अभी तक अमेरिका से बाहर नही निकला - अगर अमेरिका ने खुदा को आज़ाद नही किया, वरना हम खुद मुखतलिफ किस्म के खुदा बना कर सब को बेचेंगे। इस बात पर उ.कोरिया, रशय और जर्मनी ने भी जापान की होसलाअफज़ाई करडाली, वो दिन दूर नही जब हर देश का अपना खुदा होगा। जब तक खुदा आसमानों मे उडता रहा, उसे दुनिया की खबर नही और जिस दिन से अमेरिका मे मेहमान बना, उसकी नियत कुछ ठीक नही अब स्वर्ग भी अमेरिका मे बनाने का इरादा कर लिया। बाकी दुनिया बेकरार है कि खुदा की एक झलक देखले, पता नही उसकी शकल किस से मिलती है? मगर अमेरिका खुश है कि सबसे असली खुदा उसकी अपनी कैद मे है, अमेरिका ने खुद कहाः खुदा का शुक्र है कि वो हमारी कैद मे है। जब खुदा ज़मीन पर आया तो उसकी गारंटी लेने वाला अमेरिका के सिवा दूसरा कोई देश आगे नही आया और आज अमेरिका पर उँगलियॉ उठ रही हैं कि वो खुदा की शक्ति का गलत इसतेमाल कर रहा है, अगर यूं ही गरीब देशों को कुचलता फिरे तो एक दिन खुदा की पूरी शक्ति खतम होजाएगी और फिर अमेरिका खुद को खुदा समझ बैठेगा। कई बार खुदा ने खुद कहाः हमें अमेरिका ही मे रहना पसंद है क्योंकि ये हर किस्म के धर्मों से पाक है और हमें दूसरे देशों मे जाने को डर लगता है क्योंकि हमारा कोई धर्म नही, अगर कोई हमसे हमारा धर्म पूछे तो क्या जवाब दें। फिर एक बार खुदा ने बडे गज़बनाक अंदाज़ मे फरमायाः खुदा को खुदा की कसम, लानत है उस पर जो अमेरिका को सुपर पावर नही मानता। जापान ने अपने दोनों हाथ अमेरिका की तरफ उठा कर कहाः खुदा को उसकी शक्ति की कसम, क्यों अपना टाइम अमेरिका मे खराब कर रहा है - काश खुदा अगर जापान का मेहमान होता तो आज अपने हमशकल खुदाऊँ को देख कर बहुत खुशी मनाता — जारी
बाकी फिर कभी
7 comments October 17, 2006
