अब मुझे क्या मालूम था, जब गूगल इमेज्स पर “दिया” (Diya) खोजा तो उसने जीतू भाई को ढूंड निकाला। दरअसल मुझे ये वाला दिया चाहिये था साथ मे जीतू भाई भी दिया बन कर उभरे, दुआ है हिन्दी ब्लॉगजगत मे हमारे बीच वो ऐसे ही रौशन चिराग की तरह जगमगाते रहें।

October 14, 2006
[ 9/11 जुनियर ]
खुदा की नींद हराम, अपना बिस्तर छोड फोरन महल से बाहर चीखते हुए भागा। आसमान पर कान फाडते अमेरिकी सेना के लडाकू जहाज़, खुदा ने झिल्लाते हुए कहाः लानत है, हमारी नींद खराब करदी। वो तो शुक्र है अमेरिका ने खुदा को तसल्ली दीः
ये सब आप ही की सिक्यूरिटी के लिए आए हैं। थंडा पानी पीने के बाद खुदा ने फरमायाः समझ मे नही आता आखिर ये लडाकू जहाज़ कान क्यों फाडते हैं? हम भी जगह जगह भूकम्प और भूचाल लाते हैं मगर मजाल है जिस से कोई आवाज़ निकले। अगर किसी को डराना है तो उसके हाथ पैर तोड देते या फिर उसे जान से ही मार डालते जैसे हम भूकम्प भेज कर सेकडों को एक साथ मारते हैं मगर किसी के कान नही फाडते। अमेरिका ने खुदा के मुंह पर थंडा पानी मारते हुए कहाः अब बस भी करें जब देखो आप अपनी ही तारीफ करते रहते हो जबकि आज फिर किसी ने 9/11 की याद ताज़ा करदी। अब पता लगाने की कोई जरूरत नही ये घटना किस ने की, इस प्लेन को भी ज़रूर उसामा ने ही भेजा है। बातों बातों मे अमेरिका ने खुदा को शर्म भी दिलाईः इतने वर्ष होगए आज तक उसामा को पकड ना सके और बातें बाडी बाडी करते हो जब देखो भूकम्प से डराते हो और खुद नहाने के लिए इन्डोनेशिया के समुद्र मे डुबकी लगाते हो और ऊपर से हमारी बदनामी कि अमेरिका ने क्यों नही बताया खुदा यहां इनडोनेशिया के समुद्र मे डुबकी लगाने वाला है। अमेरिका ने खुदा को समझायाः दुनिया इतनी बडी है और समुद्र दुनिया से बडा है आपको क्या खुजली है हमेशा से नहाने के लिए इनडोनेशिया के किनारे छलांग मारते हो और वहां के बेचारों को हर वर्ष एक नए सुनामी से मुलाकात करवाते हो? सरे आम यूं शर्मिन्दा होना, खुदा को बहुत गुस्सा आया, अमेरिका को तपाने (परेशान) के लिए उत्तर कोरिया को ईशारा दे दिया — जारी
बाकी फिर कभी
October 12, 2006
हमारी छत के ऊपर बिलकुल करीब से हर 3 मिनट पर हर देश का हवाई जहाज़ उतरता है वो इस लिए के एरपोर्ट बिलकुल पास मे है। और हर पांचवें प्लेन की आवाज़ इतनी भयानक होती है जैसे ये अपने घर पर ही उतरे गा। कल शाम को बाहर कहीं जाने के लिए गेट खोला ही था कि नज़रों के बिलकुल सामने ऐर-इन्डिया कान फाडते हुए आया। पहले तो एक पल के लिए दिल मे खुशी की लहर दौड़ पडी क्योंकि विदेश मे अपने देश का हवाई जहाज़ आंखों के सामने था - जब वो बहुत ही नीचे यानी अपने सर पर ज़ोरदार आवाज़ से आया तो लगा कि ये अपने सर पर यकीनन गिरने ही वाला है। दिन भर यहां से दर्जनों प्लेन उतरते हैं और एक ही तरीके से सीधा उतर हैं मगर ये हमारा
ऐर-इन्डिया कुछ ज़्यादा ही नीचे से उतरा - फिर खयाल आया आखिर अपने ही देश का प्लेन है, कैसे भी उतरे उसकी मर्ज़ी और शायद उसके पाइलट सरदारजी होंगे जो सबसे अलग ही उतर रहे थे।
पिछले सप्ताह हम सब लोग शारजाह छोड दुबई चले आए - हर दिन शारजाह से दुबई आते-जाते थक चुके थे। हमारी कम्पनी ने हम लोगों का Accommodation जो पिछले चार वर्षों से खूबसूरत शहर शारजाह मे था अब दुबई मे शिफ्ट कर दिया और वो भी शहर से दूर ऐरपोर्ट के पीछे जहां बस और टैक्सी भी नही, एकदम बडी बडी सडकें, दूर दूर तक होटल और खने पीने की दुकानें तक नही - हर तरफ बडे बडे आलिशान Villas यहां सब अमीर लोग रहते हैं और इनके बीच मे हम बेचारों को डाल दिया। ना साइबर केफे है ना रेस्टुरंट। हमारे एक मित्र जो अपनी फेम्ली के साथ शारजाह ही मे रहते हैं, उन्हों ने मुझ से मज़ाक मे पूछाः जब वहां कुछ नही तो शाम को आफिस से आकर घर पर क्या करते हो? मैं ने जवाब दियाः हवाई जहाज़ गिनते हैं, कौनसे देश का कितवां प्लेन है।
October 11, 2006
[उत्तर कोरिया का मौसम]
पता नही क्यों, आज शाम की चाय के बाद खुदा को पान खाने की सूझी और वैसे भी अमेरिका मे कानूनी तौर पर पान खाना जुर्म है। खुदा अपना चमत्कार दिखाने ही वाला था अचानक मुशर्रफ ने आगे बढ कर खुदा की खिदमत मे पान पेश किया। पान चबाते खुदा ने बडे अफसोस के साथ कहना शुरू कियाः अब छोटे देश भी अपनी ताकत आज़माना चाहते हैं, उत्तर कोरिया पर हमारी लानत है जो अमेरिका को तंग करने पर तुला है। अगर आज के बाद कोई न्युकल्यिर धमाके टेस्ट करने की कोशिश करे, खुदा अमेरिका के साथ है और खबरदार जो कोई अमेरिका को तंग करे तो उस के लिए खुदा हाफिज़। करीब खडे मुशर्रफ पर पिचकारी मारते हुए खुदा ने गुस्से मे कहाः अफगान और ईराक को सुधारते हम कंगाल हो चुके, लेबनान मे हिज़बुल्लाह को ललकार कर अपनी टांग तुडवाली - अब समझ मे नही आता कि अपना लंगडा नाच ईरान मे दिखाए या उत्तर कोरिया मे? फिर एक बार पान की पिचकारी को मुशर्रफ पर मारते हुए खुदा ने कहाः हम दिल्लगी ही दिल्लगी मे मुशर्रफ को नचाते रहे और वो नाचते हुए डिस्को डांसर बन गए। बायें तरफ खडे अफगान राष्ट्रपति हामिद कर्ज़दार को देखेते हुए खुदा ने मुस्कुरा कर कहाः

पान खाने के बाद अब हमें नाच देखने को मन कर रहा है, मुशर्रफ और हामिद कर्ज़दार से बिनती है के आप दोनों मिलकर भांगडा डालें और खुदा को खुश करें। मेंगलौर के ताज़ा दंगा-फसाद पर खुदा ने हँसते हुए फरमायाः अच्छा है कि हम भारत मे नही बल्कि अमेरिका मे रहते हैं, अगर भारत मे होते तो वहां के अजीब लोग हमें अकीदत से चबा डालते। तभी एक भारती ने खुदा के नाम खत लिखाः हमें आपकी कोई ज़रूरत नही क्यों के हमारे देश मे हर क़िस्म के भगवान हैं और हम भारती एक-दूसरे के भगवानों को चबाते रहते हैं जो कि हमारे कल्चर का एक हिस्सा बन चुका है – जारी
बाकी फिर कभी
October 8, 2006
सुबह जब खुदा की आंख खुली, सीधा भारत की ओर मुडा और कहाः बडे अजीब किस्म के लोग हैं, जबकि अफज़ल लटकने को तैयार है और दूसरी तरफ चंद लोग उसके लटकाने के खिलाफ पूरे आनंद के साथ आवाज़ लगा रहे हैं जैसे वो बच गया तो बडा नेता बनेगा अगर लटका ही दिया तो दूसरे अफज़लों को मौका मिलेगा। तभी अफज़ल की बेगम खुदा से इलतिजा कर बैठीः बडी मेहरबानी अगर अप मेरे अफज़ल की जगह ले लें वैसे भी खुदा को मौत नही आती - अगर उसे लटका दिया तो मैं दुनिया मे अकेली अपने बच्चे के साथ और अफज़ल जन्नत मे हूरों के साथ जो मुझे बरदाश्त नही। खुदा ने अपनी बात जारी रखीः हर इनसान की ज़िन्दगी और मौत खुदा के हाथ मे है मगर आतंकवादीयों से खुदा खुद खौफ खाता है, क्योंकि वो यकीनन हमारे स्वर्ग तक मिज़ाइल से निशाना बना सकता है। हम ने मुजाहिदीन से जन्नत का वादा किया, मगर वो बेचारे हमेशा से दुनिया ही मे बुरी मौत मारे जाते हैं। माना कि किसी ज़िनदा इनसान को फांसी पर लटकाना अच्छी बात नही, करना तो ये था आतंकवादीयों को देखते ही गोली मार देते तो आज अफज़ल को लटकाने की ज़रूरत ही ना पडती। सुबह नाश्ते के बाद दुआ की मेहफिल सजाई जिसमे खुदा ने थाईलैंड के लिए दुआए खैर मांगी और पूरी दुआ थाई सेना पर छोडी फिर कहाः उम्मीद है थाईलैंड मे पाकिस्तान जैसी हालत ना बने। पीछे से टोनी बलैयर ने भी अपने लिए दुआए खैर मांगी तो खुदा ने जवाब दियाः अब कोई फाइदा नही क्योंकि तुमहारे लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। “लगे रहो मुन्ना भाई” को तीसरी बार देखते हुए खुदा मज़े लूट रहा था ऐन गांधीग्री पुस्तकों की सीन पर अमेरिका ने खुदा के कान भरेः मुशर्रफ की नई किताब पर टैक्स लगाना ज़रूरी है जिसमे खयाली पलाऊ की खयाली तरकीबों के सिवा कुछ भी नही। दूसरी तरफ इसाई साधू पोप बेंडिक्ट ने अपने हालिया लेक्चर पर नाराज़ मुसलिम नेताओं से खुलेआम मुलाकात पर खुल कर कहाः
इस मे नाराज़्गी कैसी? हम सब खयालों पर ईमान रखने वाले हैं, एक धर्म दूसरे धर्म के बारे मे जो खयाल रखता है वही खयाल को हम अपने लेक्चर मे ज़ुबानी कह गए गए। अप मुसलमान लोग हम ईसाई खयालों से सहमित नही तो हम कौनसा मुसलिम धर्म से सहमित रहें? बात खयाली है उसे खयालों मे ही रहने दें मगर यूं सडकों पर निकल आना, नारे बाज़ी करना ये सब अच्छी बात नही जिस से हमारे विचार आप मुस्लमानों के बारे मे और पक्का हो जाते हैं। पोप ने नारज़ मुसलमानों को दावत भी दीः आओ हम सब मिल कर अपने विचारों का सम्मेलन करलें, उम्मीद है हम सबके विचार जूठ साबित हों जिसका कोई सबूत भी नही - फिर आखिर मे हम सब मिलकर नए विचारों को जनम देंगे ताकि आने वाली पीढी को पूराने विचारों से पाक रखा जाए। जब लगे रहो मुन्ना भाई खतम हुई, खुदा ने फिर से चौथी बार देखने की ठानी तो अमेरिका ने याद दिलायाः मेहफिल लग चुकी है और लोग बाग अप के इनतेज़ार मे ऊंघ रहे हैं। मजलिस पहुंच कर खुदा ने दुपहर का भाषण पढना शुरू किया, अचानक पता नही खुदा को क्या सूझी पूरा भाषण घांधीग्री पर सुना दिया — जारी
बाकी फिर कभी
October 6, 2006