Posts filed under 'टेक्नोलॉजी'

मूंह मीठा करें

नीचे तसवीर पर किल्क करना लड्डू खाने जैसा है :)

और हां ……. लड्डू खाने के बाद चिट्ठाचर्चा चलें वहां आज मज़ेदार चर्चा चल रही है, बहुत दिनों की खामोशी के बाद सबको एक साथ एक जगह बोलते हुए अच्छा लग रहा है …….. लड्डू बाद मे खाना  - आइये आइये चलते हैं चिट्ठाचर्चा

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12 comments November 10, 2006

अलविदा

आज से दस वर्ष पहले जहां मैं नौकरी कर रहा था, PageMaker सॉफ्टवेयर को कॉपी करने के लिए तकरीबन बीस बार फ्लॉपी मे कॉपी करना पडा - तब जाकर पूरा एक सॉफ्टवेयर कॉपी करने मे काम्याबी हुई ;(

उस वकत खयाल आया काश अपने पास कुछ ऐसी चीज़ हो के एक ही बार मे पूरा सॉफ्टवेयर कॉपी होजाए :) तभी बाज़ार मे CD आगई और अपनी मुराद पूरी हुई। अब अपने पास क्म्प्यूटर फाईलों का खज़ाना ऐसा है के CD बनाते इतनी CD’s होगई संभालना मुश्किल हो गया। फिर दिल मे खयाल आया काश कुछ ऐसी छोटी डिब्बिया मिल जाए जिसमे अपना तमाम कम्प्यूटर खज़ाना समा जाए। आआह :) ये दिन भी आगया, बहुत खुशी हुई के USB ड्राइव आगई जिससे अपना सीडी खज़ाना को उठा कर कोने मे रख दिया। सबसे पहले Dhs. 160 (1,920 रूपये) मे 128MB वाला USB ड्राइव खरीदा जो मेरे कुछ काम का नहीं क्योंकि अपनी PSD और CDR फॉर्मेट वाली एक ग्राफिक फाइल का साइज़ ही 50MB के ऊपर होता है। पिछले वर्ष फिर मैने Dhs. 290 (3,480 रूपये) मे 1GB वाला USB ड्राइव खरीदा (जो इस वकत खराब है और सर्विस को भेज दिया) ये 1GB का युएसबी भी पूरी तरह फुल है अब मुझे 5GB वाला ड्राइव खरीदना पडेगा जिसके सिवा दूसरा कोई चारा नही ;(

अब तो मोबाईल के लिए भी एक से दो जीबी के MMC कार्ड बाज़ार मे आगए। वाह क्या ज़माना है - वोह KB की फाईलों को फ्लॉपी मे कॉपी करना और आज GB को USB मे ठूंसना :)
सीडी और फ्लापी को अलविदा


5 comments September 1, 2006

टॉप ब्लॉगर

ब्लॉगिंग एक ऐसा नशा जैसे चंद लोगों को खाने के फोरन बाद सिगरेट पीना होता है और ब्लॉगर का नशा ऐसा कि अभी अपना लेख पोस्ट किया तो जल्दी से पन्ने को रि-फ्रेश कर के भी देख लिया कि शायद कोई टिप्पणी आगई हो :p चंद ब्लॉगर हमारी तरह भी होते हैं जो साइबर केफे जा कर पोस्ट करते हैं, आज पोस्ट किया तो अपने ब्लॉग का मुंह देखने के लिए दूसरे दिन का इनतेज़ार करना पडता है कि कब दफतर से छुटटी हो और साइबर केफे की तरफ डोड लगाएं ;)  

मानो आज हम भी टॉप के ब्लॉगर बन गए :) अरे भाई पिछले तीन वर्षों से ब्लॉगिंग कर रहे हैं तो टॉप ब्लॉगर ही कहलाएंगे ना :p ये बात अलग है कि ब्लॉगिंग की ए बी सी डी नही मालूम मगर कुछ ना कुछ लिख कर पोस्ट तो करते हैं। तीन वर्ष पहले जब हमें ब्लॉग किया चीज़ पता ही नही था, तब हम साइबर केफे मे बैठ कर नेट की रंगीन दुनिया मे खोजाते थे और जब साइबर केफे वाला आकर कहता “और बैठना है आपको?” तब हम अपनी घडी देख कर कुर्सी से उछल पडते कि “अरे बापरे - पिछले चार घंटे से हम इन्टरनेट मे ऐसे खो गए कि वकत का पता ही नही और आए थे सिर्फ इ-मेल चेक करने और लिंक से लिंक मिलाते कहीं और निकल जाते। आआह —- वोह दिन और आज का दिन बहुत फरक है क्योंकि पहले हम नेट पर बेकार ही अनजानों से चैट करते थे या फिर रंगीन वैब साईट्स की रंगीनियों मे खोजाते थे। दोसतों की इ-मेल का जवाब लिखने के लिए फुरसत नही थी और अब लम्बी लम्बी पोस्ट लिखने मे चैम्पिन बन गए। अभी वाशिंग मशीन मे कपडे पडे हैं जिसे दुबारा घुमाने के लिए 8वीं फलोर (अपने फ्लैट) जाना था मगर हम तो अपनी बिलडिंग के करीब से गुज़रते हुए सीधा साइबर केफे पहुंच गए (ब्लॉगिंग का नशा) - दफतर मे हमारा बॉस इधर उधर निकल जाता है तब हम इन्टरनेट खोल लेते हैं मगर यहां हमारा नशा और भी बढ जाता है क्योंकि ब्लॉगर तो किया हम किसी का भी ब्लॉग खोल नही सकते तो हमारा ब्लॉग कैसे देखे? सिर्फ शाम के 7 बजने का इनतेज़ार रहता है और दफतर से सीधा साइबर केफे :D अच्छा किया जो इन्टरनेट पर ब्लॉगिंग का सिलसिला चालू हुवा वरना हम अभी तक इन्टरनेट की दूसरी रंगीनियों मे खोए रहते :P :D :)


9 comments July 27, 2006

अब हम भी वर्डप्रेस पर

हम टकनीकल इनसान तो नही और ना ही प्रोग्रामिंग की ए बी सी डी मालूम है इसके बावजूद दिल पे हाथ रख कर wordpress मे अपना ब्लॉगर वाला ब्लॉग इम्पोर्ट करने मे शायद कामयाब रहे (शायदइसलिए कि हमें खुद नही मालूम कहां तक कामयाब रहे?) अब जनाब ब्लॉगस्पाट साहब इतने मसरूफ रहते हैं कि कई बार हमें बगैर लॉग-आफ किए भगा दिया जबकि हम पिछले तीन वर्षों से इस पर मौज मसती करते रहे और मनमानी भी आखिरकार ब्लॉगर ने हमें खैरबाद कहने पे मजबूर कर दिया।  

हम वर्डप्रेस पर अजनबी हैं, सब कुछ नया नया - पूरे दो घनटों तक हमारी हैरानी परेशानी देखने लाइक थी क्योंकि पहले ही लिख दिया था कि हम कोई टकनीकलर नही बस यूं ही हाथ पैर मारते मारते किनारे तक पहुंचने की कोशिश करते हैं या फिर डूबने को तरजीह देते हैं। बस जितना समझ आया कर दिया दांतों से तक पसीने छूट गए। अब बाकी भाई दोसतों के मशवरे या उनकी मदद से आगे बढ सकते हैं वरना वहीं के वही :( ;)  :D


14 comments July 26, 2006

इन्टरनेट का सही इस्तेमाल

इमिरेट्स मे सेक्स और गन्दी वेब साईट्स को यहां की सरकार ने ब्लॉक कर रखा है ताकि लोग इन्टरनेट का सही इस्तेमाल करें और यहां इन्टरनेट का गलत इस्तेमाल जुर्म है और सज़ा भी। अगर कोई इ-मेल से भी गन्दी तसवीर भेजे या वसूल करे तो फोरन पकडा जाता है। वोह इस लिए कि यहां सेक्स खुले आम दिखता और बिकता है, नेट पर सर खपाने की ज़रूरत ही नही।

देखा आपने? यहां UAE मे इन्टरनेट का बिलकुल सही इस्तेमाल हो रहा है।


Add comment July 25, 2006


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