उसामा से एक मुलाकात

मार्च 8, 2006 at 9:22 पूर्वाह्न 2 टिप्पणिया

आखिर आप अपने बिल से बाहर कब आ औ गे?
“पहले अमेरिका को वादा करना चाहिये कि हमें एक आम शहरी की ज़िनदगी गुज़ारने का मोका दिया जाए गा”

किया आप ने कभी खुल्लम खुल्ला जिहाद किया है?
“जी हाँ अपने ही घर वालों से”

सुना हे आपके पिता की जादाद का हिस्सा आप को मिल गया।
“हरगिज़ नहीं, मेरा मतलब हे जितनी उम्मीद थी उतना नहीं मिला”

ज़रा सोचें अगर आप अमेरिका के शहरी होते?
“तो मैं उसामा बिन लादिन से हरगिज़ नफरत नहीं करता”

अपने ग्रुप के बारे में किया विचार हैं?
“बहुत ही बहादुर ग्रुप था अपना, अमेरिका के गज़ब से सब फरार हैं”

अपने ग्रुप से अभी भी राबता है कि नहीँ?
“बहुत मुशकिल है, हमारी आखरी उम्मीद ‘अल-जज़ीरा’ पर भी अमेरिका ने पानी भर दिया”

मान लो कि अमेरिका ने आप को माफ़ कर दिया।
“तो अमेरिका कि लिये हमारी जान कुरबान, मेरे बच्चों को अमेरिकी फौज में भरती कर दूंगा ताकि वे दुनिया भर में आतंकवादियों से लड कर शहीद हो जाऐं”

औह — तो आप नेक विचार भी रखते हैं!
“किया करें? खुली फिज़ा में सांस लेना चाहता हों”

किया ऐसा नहीं कर सकते कि फिर से अपने ग्रुप को और मज़बूत बना लें?
“ऐसा सोचना भी मुमकिन नहीं, पहले की बात अलग थी हमारे अनदर जोश व जज़बा था। अब हमारा ग्रुप पूरी तरह बिखर चुका है”

अपनी फिलहाल की ज़िनदगी पर रोशनी डालें?
“फिलहाल बगेर रोशनी के कमरे में ज़िनदगी गुज़ार रहा हूँ”

अकसर लोग समझते हैं कि आप मर चुके हैं।
“काश अमेरिकी फौज भी यही समझले”

किया आप पूरी ज़िनदगी छुपते ही रहेंगे?
“हरगिज़ नहीं, मगर आसार यही बता रहे हैं”

अपने आने वाले कल के बारे में किया सोचा है?
“रोज़ाना सुबह से शाम तक यही सोचता हूँ”

फिलहाल आपकी पत्नियों और बच्चों का किया हाल है?
“वे सब अपने अपने घरों में नज़र बंद हैं”

किया आप को अपनी पत्नियों कि याद नही आती?
“फिलहाल हमारे एक साथी ने उनकी बहन से हमारी शादी का आफर दिया है”

चलो छोडो इन सब बातों को, पहले ये बताऔ किया सोच कर अमेरिका को लताडा था?
“हमने?? हा हा हा — किया मज़ाक है, भला हम अमेरिका को कैसे लताड सकते हैं?”

जी हाँ! आप ने अमेरिका को लताडा फिर अमेरिकी फौज ने आपके ग्रुप पर हमले किये और आज तक आप को ढूंडती फिर रही है।
“जनाब ये सब मीडिया कि खबरें हैं, हम तो अमेरिका के गुलाम हैं, इसी के कहने पर हम ने हत्यार उठाऐ, उसी के कहने पर जिहाद के नारे लगाऐ, उसी के कहने पर हम ने बार बार अपना video tape बनाया। हम ने जो भी किया सब अमेरिका के हकम पर ही किया है और ये भी उसी का फरमान है कि हम छुपे रहें”

ये आप किया कह रहे हैं? कुछ समझ में नही आया।
“आप नहीं समझो गे क्योंकि ये सब world politics है”

तो अब तक आप किया बक रहे थे?
कुछ नहीं, हम तो आप के साथ Time पास कर रहे थे!”

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Entry filed under: टैम पास.

फौटुशोप और यूनिकोड छुटटी पर

2 टिप्पणियाँ Add your own

  • 1. रमण कौल  |  मार्च 8, 2006 को 10:07 पूर्वाह्न

    बहुत अच्छा लिखते हैं।
    इन हिज्जों पर ध्यान दें –
    what = کیا = क्या
    did = کیا = किया

  • 2. SHUAIB  |  मार्च 8, 2006 को 10:23 पूर्वाह्न

    रमण जीः
    शुक्रिया आप का, आगे धयान देता हूं। अभि अभि तो हिन्दी सीख रहा हूं, आप से और भी सीखना है मुझे 🙂

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