हमारा मौसम

जून 30, 2006 at 9:13 पूर्वाह्न 4 टिप्पणिया

UAE, दुनिया के सबसे गरम देशों मे से एक है, इस वकत यहां 45 डिगरी और साथ में तेज़ गरम हवा के झोंके बरदाश्त से बाहर है फिर भी यहां रशय, फ्रांस, हॉलेंड और दूसरे थंडे देशों के हज़ारों रोज़गार और कारोबारी लोग रहते हैं पता नहीं वो कैसे यहां की गरमी बरदाश्त करते होंगे? 45 डिगरी कोई बडी बात नहीं, कभी कभी काटा 50 डिगरी के ऊपर भी चला जाता है, बडी और गम्भीर बात तो यहां की गरम हवा है। बीस कदम आगे चलो तो आदमी पसीने मे पूरा भीग जायेगा, दिन मे दो बार नहाऐं तो भी कम है और उस पर से नलों मे पानी भी खवलता हुवा आयेगा। UAE के सिर्फ दो मौसम होते हैं एक सम्मर दूसरा तेज़ और तूफानी हवाऊँ का मगर यहां कभी बरसात तो दूर की बात छींटे और बोछाडें तक नहीं टपकतीं। वो तो शुक्र है पिछले वर्ष सोनामी के वकत यहां अचानक चंद बूंदें टपक पडीं वरना बरसात और वो भी दुबाई में, कभी नहीं। कभी कभी आसमान को देख कर लगता है कि आज बरसात होगी, और हमेशा ऐसा ही होता कि बरसात तो किया एक बूंद भी नहीं टपकती।

ये बरसात के आसार नही बलकि आस पास रेगिसतान मे ज़बरदस्त आंधी की वजे से दुबई के कुछ इलाके धूल – मिट्टी की लिपेट मे हैं।

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Entry filed under: दुबई.

चश्मा जापानी कवाली

4 टिप्पणियाँ Add your own

  • 1. मिर्ची सेठ  |  जून 30, 2006 को 12:55 अपराह्न

    शुएब भाई

    इतनी गर्मी की बात से जो ख्याल दिमाग में आता है वह है कि दूबई जैसे बड़े शहर की जल व्यवस्था कैसे चलती है। कभी समय लगे तो इस बारे में लिखिएगा।

  • 2. संजय बेंगाणी  |  जून 30, 2006 को 9:12 अपराह्न

    बहुत ही सुन्दर तस्वीर हैं. रेगीस्तान में आंधीयाँ ही तापमान को कम करती हैं. पानी नहीं तो धुल)मिट्टी) सही.
    गरमी को सहना आसान नहीं.
    क्या रेगीस्तान को हराभरा करने कि कोई योजना चल रही हैं? पैसा तो बहुत हैं पेट्रोल का…

  • 3. Pratik  |  जून 30, 2006 को 9:24 अपराह्न

    शुऐब भाई, मौसम के मामले में तो UAE की हालत बहुत ख़राब है। इससे तो अपना हिन्दुस्तान ही बढिया है। 🙂

  • 4. SHUAIB  |  जुलाई 1, 2006 को 10:08 पूर्वाह्न

    सेठ जीः
    यहां भी इनसान है मगर AC भी नाम की चीज़ होती है ना। तो यहां A/C के बगैर दूसरा कोई चारा नहीं। यहां लोग अपनी कार को पार्किंग मे खडी करे तो कार चालू ही रहती है ताकि कार के अन्दर AC चलती रहे और यहां पेट्रोल पानी से भी स्सता है 😀

    संजय भाईः
    यहां अरबियों के पास पैसा तो खूब है मगर कोई खुदरत को कैसे बदल सकता है? हां यहां हरयाली भी है मगर नकली 😦 कहीं कही असली हरयाली भी है जो दूसरे देशों से मँगवाई है जिसको हरा भरा रखने के लिऐ लाखों रूपये खर्च किये जाते हैं।

    Pratik जीः
    सिर्फ UAE नही बल्कि दुनिया का सबसे बढिया देश हिन्दुस्तान ही है। अब आगे हमारी मजबूरी ये कि सिर्फ मैं नही बल्कि दुनिया भर से लोग यहां नौकरी सौकरी के लिए आते हैं।

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